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नेगेटिव मार्किंग और स्कोरिंग नियम कैसे सेट करें?

नेगेटिव मार्किंग और स्कोरिंग नियम कैसे सेट करें?

8 सितंबर 2026

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चरण

1. 1. परीक्षा की मार्किंग स्कीम तय करें

पहले तय कर लें—सही उत्तर पर कितने अंक मिलेंगे (+1 या +1.25), गलत उत्तर पर कितने अंक कटेंगे (जैसे -0.25 या 0) और खाली प्रश्न के कितने अंक होंगे।

2. 2. आंसर-की की स्कोरिंग सेटिंग्स खोलें

'Answer Keys' में जाकर अपनी आंसर-की खोलें और 'Scoring / Marking Rules' विकल्प पर जाएं।

3. 3. सही/गलत अंकों की वैल्यू भरें

सही उत्तर (Correct Marks), गलत उत्तर (Negative Marks) और अनअटेम्प्टेड (0) की संख्या दर्ज करें।

4. 4. पहले 1 शीट पर टेस्ट करके देखें

पूरी बैच प्रोसेस करने से पहले किसी 1 छात्र की कॉपी पर यह नियम टेस्ट करके देख लें कि हाथ से जोड़े गए नंबर और सॉफ्टवेयर का टोटल बिल्कुल मैच हो रहा है या नहीं।

हर परीक्षा का मूल्यांकन नियम (Marking Scheme) अलग होता है। जैसे—नवोदय (JNVST) परीक्षा में हर सही उत्तर पर 1.25 अंक मिलते हैं और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती। वहीं सैनिक स्कूल, NEET, SSC या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सही उत्तर पर +1 या +4 अंक और गलत उत्तर पर -0.25 या -1 अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है।

CheckOMR (By Navodaya Study) आपको अपनी परीक्षा के अनुसार बिल्कुल सटीक स्कोरिंग नियम सेट करने की पूरी आजादी देता है।

इस ट्यूटोरियल में हम सीखेंगे कि नेगेटिव मार्किंग कैसे चालू करें और रिजल्ट बनाने से पहले उसे कैसे चेक करें।


मार्किंग सेट करने से पहले ये 3 बातें नोट कर लें:

  1. सही उत्तर के अंक (Marks per Correct): हर सही सवाल पर कितने नंबर मिलेंगे (+1, +1.25, +2 या +4)।
  2. गलत उत्तर पर पेनल्टी (Negative Marks per Wrong): हर गलत सवाल पर कितने नंबर कटेंगे (0, -0.25, -0.33 या -1)।
  3. खाली छोड़े गए प्रश्न (Unattempted): जो सवाल बच्चे ने हल नहीं किए, उनके कितने अंक होंगे (यह हमेशा 0 रहता है)।

स्कोरिंग नियम सेट करने के 4 आसान स्टेप्स

स्टेप 1: आंसर-की खोलें

डैशबोर्ड में 'Answer Keys' सेक्शन पर जाएं और अपनी बनाई हुई आंसर-की पर क्लिक करें।

स्टेप 2: स्कोरिंग रूल्स (Scoring Settings) में जाएं

आंसर-की के अंदर आपको 'Marking Scheme' का विकल्प दिखेगा।

स्टेप 3: अपनी परीक्षा के अनुसार मान (Values) दर्ज करें

  • Correct Answer: सही उत्तर के अंक भरें।
  • Negative Marking: अगर परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग है, तो कटने वाले अंक दर्ज करें (जैसे 0.25)। अगर नेगेटिव मार्किंग नहीं है, तो इसे 0 रखें।
  • Unattempted: इसे 0 पर ही रहने दें।

स्टेप 4: 1 कॉपी पर क्रॉस-चेक करें (सटीक जांच)

300 शीटों की पूरी बैच प्रोसेस करने से पहले, किसी 1 छात्र की कॉपी पर यह नियम टेस्ट कर लें: - मान लीजिए एक छात्र ने 80 में से 60 सही किए और 20 गलत किए। - अगर नेगेटिव मार्किंग 0.25 है, तो स्कोर होना चाहिए: 60 - (20 × 0.25) = 55 अंक। - सॉफ्टवेयर में टेस्ट बैच चलाकर देखें—अगर टोटल बिल्कुल 55 आ रहा है, तो समझ जाइए कि आपकी सेटिंग्स 100% सही हैं! अब आप पूरी क्लास की कॉपियां प्रोसेस कर सकते हैं।


प्रमुख परीक्षाओं के सामान्य स्कोरिंग पैटर्न

परीक्षा का प्रकार सही उत्तर (Correct) गलत उत्तर (Negative) खाली प्रश्न (Blank)
JNVST (नवोदय क्लास 6th) +1.25 0 (कोई नेगेटिव नहीं) 0
सामान्य प्रतियोगी परीक्षा +1.00 -0.25 (1/4th पेनल्टी) 0
कठिन नेगेटिव मार्किंग +2.00 -0.66 (1/3rd पेनल्टी) 0

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